
देश मना रहा है 77 गणतंत्र दिवस ( Republic day) 2026
इस वर्ष 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, क्योंकि संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था और तब से हर साल इस दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन 26 जनवरी 1930 के “पूर्ण स्वराज” के ऐतिहासिक संकल्प को याद करते हुए चुना गया था, जब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने ब्रिटिश हुकूमत का खुला विरोध किया था, और स्वतंत्र भारत ने उसी दिन संविधान को लागू कर सम्पूर्ण लोकतांत्रिक गणराज्य बनने का रास्ता अख़्तियार किया।
बन्दे मातरम् 150
2026 का विषय “**150 वर्ष वंदे मातरम” है, क्योंकि वंदे मातरम के रचे जाने को लगभग 150 साल पूरा हो चुके हैं (गीत का प्रारंभिक इतिहास 1870s के दशक से जुड़ा है और यह देशभक्ति की पहचान बन चुका है।
मुख्य आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर होता है, जहाँ भव्य गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना, नौसेना, केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान मार्च पास्ट, कलात्मक झांकियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और उन्नत रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन होता है।
इस वर्ष के चीफ गेस्ट दो प्रमुख यूरोपीय नेताओं — यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेएन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा को आमंत्रित किया गया है, जो भारत के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूती देने का प्रतीक है।
सरकार की तैयारी में विशेष थीम-आधारित प्रदर्शन, कलात्मक झांकियाँ, वंदे मातरम से प्रेरित बैंड शो, भारी सैनिक और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के साथ 19 से 26 जनवरी तक कार्यक्रम शामिल हैं, तथा परेड टीवी और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पूरे देश में प्रसारित की जाएगी।
गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
यह दिन भारत के संविधान के लागू होने और देश को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित होने की याद दिलाता है, तथा स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।