
ट्रंप ने ट्रेड डील का किया ऐलान 25% से 18% होगा
भारत अमेरिका ट्रेड रिश्ते
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। अमेरिका भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। 2024 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 212 अरब डॉलर रहा। अमेरिका भारत से वस्त्र, दवाइयां, स्टील-एल्युमीनियम और सॉफ्टवेयर सेवाएँ आयात करता है, जबकि भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि और रक्षा-उपकरण जैसे सामान खरीदता है।
टैक्स, टैरिफ और ट्रम्प के साथ बातचीत
2025 में डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत पर कई तरह के टैरिफ लगाए और टैरिफ विवाद के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता तेज़ी से आगे नहीं बढ़ रही थी। जुलाई-अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाने की नीति लागू की, जिससे व्यापारिक तनाव बढ़ा और कई दौर की बातचीत हुई।
बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने टैरिफ को कम करने, बाजार पहुँच बढ़ाने और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय टीम और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कई दौर की बैठकों में मिले, जिनमें भारत की संवेदनशील क्षेत्रों- कृषि, डेयरी आदि को संरक्षित रखने की महत्वपूर्ण बात उठाई गई।
ट्रंप-मोदी बातचीत और डील का ऐलान (फरवरी 2026)
2 फरवरी 2026 को डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद एक ट्रेड डील का ऐलान किया जिसमें कहा गया कि:
अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले टैरिफ को घटाकर लगभग 18% कर दिया है (पहले यह ऊँचा था)।
इसके बदले में भारत ने कहा कि वह रूसी तेल की खरीद घटाएगा और अमेरिका से ऊर्जा, कृषि और अन्य सामान की खरीद बढ़ाएगा।
दोनों देश आपसी टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को भी समय के साथ न्यूनतम करने पर सहमत हुए।
अभी इन फैसलों का आधिकारिक नियम/नोटिस जारी होना बाकी है, लेकिन इसे व्यापारिक संबंधों में महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
यह समझौता महीनों की ट्रेड वार्ता, टैरिफ विवाद, और व्यापार संतुलन मुद्दों के बाद आया है और इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है।
टैरिफ डील, बातचीत और बातचीत का उद्देश्य
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर 2025 से लगातार बातचीत (कई दौर) हो रही थी और यह फरवरी 2026 तक चली।
दोनों देशों का उद्देश्य था Bilateral trade बढ़ाना, टैरिफ बाधाएँ कम करना, और अमेरिकी वस्तुओं की भारत में बिक्री तथा भारतीय वस्तुओं की अमेरिका में पहुँच को बढ़ाना।
2025-26 तक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चलती रही, टैरिफ विवाद और बातचीत के कई चरण हुए। फरवरी 2026 में ट्रम्प-मोदी की बातचीत के बाद टैरिफ घटाने और व्यापार बढ़ाने वाली डील का ऐलान हुआ, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने का बड़ा कदम माना जा रहा है।