
उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27: इस वित्त वर्ष के लिए कुल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ (लगभग ₹9.13 लाख करोड़) रखा गया है, जो पिछले वर्ष के बजट की तुलना में करीब 12-13% अधिक है और अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है.
बजट की मुख्य रूपरेखा में आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण दोनों को संतुलित रूप से शामिल किया गया है। इसमें राज्य के विकास लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे, रोजगार, महिलाओं और बच्चों की योजना, स्वास्थ्य-शिक्षा, कृषि-ग्रामीण विकास, और टेक्नोलॉजी/डिजिटल सशक्तिकरण पर विशेष जोर है। आगे चलकर यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज़ी से आगे बढ़ाने तथा ₹1 ट्रिलियन (1,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने की ओर कदम माना जा रहा है।
पिछले साल की तुलना: 2025-26 का बजट लगभग ₹8.08 लाख करोड़ था, जबकि 2026-27 में यह बढ़कर ₹9.12 लाख करोड़ हो गया है — लगभग ₹1.04 लाख करोड़ का इंक्रीमेंट दिखता है। इसी तरह कई विभागों और योजनाओं के आवंटन में बढ़ोतरी हुई है, जैसे शहरी/ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और महिलाओं के कल्याण कार्यक्रमों में वृद्धि।
मुख्य विभागीय आवंटन और स्कीमें:
- शिक्षा: कुल बजट का लगभग 12.4% हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया गया है, जिसमें नए कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और स्किलिंग/तालीमी कार्यक्रम शामिल हैं।
- स्वास्थ्य: स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिए कुल लगभग ₹37,956 करोड़ रखे गए हैं, जिसमें कैंसर इंस्टीट्यूट और नई मेडिकल कॉलेज की स्थापना शामिल है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर (सड़क-ब्रिज, औद्योगिक विकास): लगभग ₹34,468 करोड़ सड़क/सेतु निर्माण और ₹27,103 करोड़ औद्योगिक और अवसंरचना विकास के लिए; साथ ही नई औद्योगिक क्षेत्र योजना भी शामिल है।
- शहरी विकास: ₹26,514 करोड़ शहरी अवसंरचना योजनाओं के लिए; स्मार्ट सिटी/नगरों के उन्नयन पर जोर।
- ग्रामीण विकास: लगभग ₹25,500 करोड़ ग्रामीण विकास योजनाओं पर खर्च।
- कृषि एवं कृषि समर्थन: कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ₹10,888 करोड़ का आवंटन, आधुनिक कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन लक्ष्य के साथ।
- आईटी/डिजिटल एवं AI मिशन: डिजिटल सशक्तिकरण के लिए ₹2,059 करोड़, उत्तर प्रदेश AI मिशन सहित साइबर सुरक्षा और AI लैब योजनाएँ।
- महिला एवं बाल विकास: महिलाओं और बच्चों के लिये लगभग ₹18,620 करोड़ का प्रावधान, निराश्रित महिला पेंशन और मुख्यमंत्री कन्याओं के लिये सहायता से लेकर उद्यमशीलता योजनाएँ।
- MSME / युवा एवं रोजगार: MSMEs के लिये ₹3,822 करोड़; युवाओं के लिये स्किलिंग, रोजगार योजनाएँ और फोन/टैब वितरण स्कीमें।
बजट स्कीमों का उद्देश्य: - बजट का उद्देश्य समान विकास, रोजगार उन्नयन, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उन्नति, डिजिटल/तकनीकी विस्तार और बुनियादी ढांचे का मजबूत विस्तार है। साथ ही यह बजट वित्तीय अनुशासन को बनाए रखते हुए राज्य का राजकोषीय घाटा 3% के भीतर रखने का लक्ष्य भी रखता है।