
नए साल एक जनवरी 2026 के दिन देश-विदेश में मंदिरों, तीर्थस्थलों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। लोग बीते वर्ष के अनुभवों के लिए आभार जताने और आने वाले साल में सुख-शांति, स्वास्थ्य और सफलता की कामना के साथ पूजा-पाठ करते हैं।
खास बात यह है कि इस दिन युवाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है—वे मंदिर दर्शन, हवन-पूजन, सेवा कार्य और ध्यान के जरिए साल की सकारात्मक शुरुआत करना चाहते हैं। कई लोग नए साल पर व्रत रखते हैं, दान-पुण्य करते हैं और परिवार के साथ आरती में शामिल होते हैं। यह धार्मिक उत्साह न सिर्फ आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में उम्मीद, अनुशासन और नए संकल्पों का संदेश भी देता।
देश की युवा में जो श्रद्धा और विश्वास जगा है भगवान के प्रति वह भीड़ के रूप में मंदिर मस्जिद गुरुद्वारों में देखी जा सकती है।
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