
होली में लगा चंद्र ग्रहण
आज लगने वाला चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। चंद्र ग्रहण आमतौर पर पूर्णिमा के दिन ही लगता है। इस बार ग्रहण की शुरुआत (स्पर्श काल) रात में होगी, इसके बाद मध्यकाल आएगा जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में रहेगा, और फिर मोक्ष काल पर ग्रहण समाप्त होगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण की स्थिति में चंद्रमा कुछ समय के लिए लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।
चंद्र ग्रहण की मुख्य समयरेखा (IST):
- ग्रहण की शुरुआत: 3:20 बजे अपराह्न (15:20)
- पूर्णता (Totality) शुरू: 4:34 बजे शाम (16:34)
- पूर्णता खत्म: 5:33 बजे शाम (17:33)
- ग्रहण समाप्ति: 6:47 – 6:48 बजे शाम (18:47 – 18:48)
हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ, भोजन पकाना व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की राशि और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ राशियों पर मानसिक तनाव, निर्णय लेने में भ्रम या स्वास्थ्य संबंधी हल्की परेशानी हो सकती है, जबकि कुछ लोगों के लिए यह आत्मचिंतन और नए निर्णयों का समय भी माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक खगोलीय घटना है और इसका सीधा प्रभाव मानव जीवन पर सिद्ध नहीं हुआ है।