
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC – Union Public Service Commission) भारत की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसी परीक्षा के माध्यम से देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी जैसे IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी चुने जाते हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही अंतिम चयन तक पहुंच पाते हैं। साल 2025 की सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित किया गया जिसमें कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ। इस बार अनुज अग्निहोत्री (AIR-1) ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया, दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम (AIR-2) और तीसरे स्थान पर आकांश धुल (AIR-3) रहे। टॉप-10 में राघव झुनझुनवाला, ईशान भटनागर, जिन्निया ऑरोरा, ए.आर. राजाह मोहईदीन, पाक्शल सेक्रेटरी, आस्था जैन और उज्ज्वल प्रियंक जैसे नाम भी शामिल हैं
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा तीन मुख्य चरणों में होती है। पहला चरण Prelims (प्रारंभिक परीक्षा) होता है जिसमें दो ऑब्जेक्टिव पेपर होते हैं और यह सिर्फ क्वालिफाइंग स्क्रीनिंग टेस्ट होता है। जो उम्मीदवार इसमें पास होते हैं वे दूसरे चरण Mains (मुख्य परीक्षा) में बैठते हैं। इसमें कुल 9 लिखित पेपर होते हैं जिनमें निबंध, सामान्य अध्ययन, वैकल्पिक विषय आदि शामिल होते हैं। इसके बाद तीसरा और अंतिम चरण Interview या Personality Test होता है, जिसमें लगभग 275 अंक होते हैं और उम्मीदवार की सोच, निर्णय क्षमता, व्यक्तित्व और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है। इसके बाद Prelims, Mains और Interview के कुल अंकों के आधार पर All India Rank (AIR) तय होती है और उसी के आधार पर IAS, IPS, IFS जैसी सेवाओं का आवंटन किया जाता है।
यह परीक्षा भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है क्योंकि हर साल लगभग 10 लाख से ज्यादा छात्र आवेदन करते हैं, लेकिन अंत में लगभग 800–1000 उम्मीदवार ही चुने जाते हैं। कई उम्मीदवारों को इसे पास करने में 3-4 साल या उससे अधिक समय लग जाता है। इस साल के परिणाम में भी कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आईं—किसी ने कई बार असफल होने के बाद सफलता पाई तो किसी ने बीमारी या आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद परीक्षा पास की। पिछले साल यानी UPSC 2024 (Result 2025) में शक्ति दुबे ने AIR-1 हासिल किया था और लगभग 1009 उम्मीदवारों का चयन हुआ था, जिससे पता चलता है कि हर साल प्रतियोगिता और भी कठिन होती जा रही है।
UPSC सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा में जाने का रास्ता है। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार भविष्य में जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी, राजनयिक और नीति निर्माता बनकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था संभालते है।