दिल्ली के विवेक विहार में भीषण आग: 9 की दर्दनाक मौत, डिजिटल लॉक और खराब वायरिंग पर उठे सवाल

दिल्ली विवेक विहार आग लगने की घटना

राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार देर रात एक भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। शाहदरा के ब्लॉक-B-13 स्थित एक चार मंजिला आवासीय इमारत में लगी आग में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा न सिर्फ मानवीय त्रासदी है, बल्कि शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी की बड़ी लापरवाही को भी उजागर करता है।


घटना रात करीब 3:45 बजे की है, जब इमारत की दूसरी मंजिल से अचानक आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक एयर कंडीशनर (AC) में ब्लास्ट के बाद चिंगारियां निकलीं, जिसने खराब वायरिंग और संभवतः ओवरहीटिंग के कारण पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई फ्लैट देखते ही देखते जलकर खाक हो गए।


सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और करीब 14 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब 2 से 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लगभग 15 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन कई लोग धुएं और आग की चपेट में आ चुके थे।


इस हादसे में जान गंवाने वालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। कई शव इतनी बुरी तरह झुलस गए कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया, जिसके चलते डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत और गहरे जलने की समस्या है।


इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू इमारत में लगे डिजिटल लॉक रहे, जो आग के दौरान फेल हो गए। तेज गर्मी और बिजली के फेल होने से ये स्मार्ट लॉक सिस्टम काम करना बंद कर गए, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। वहीं, रेस्क्यू टीमों को भी गेट तोड़ने में समय लगा, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। यह तकनीकी खामी कई जिंदगियों के लिए जानलेवा साबित हुई।


फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इमारत के निर्माण, वायरिंग सिस्टम और फायर सेफ्टी मानकों की गहन जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या छोटे रिहायशी भवनों में भी पर्याप्त सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है कि हर इमारत में फायर एग्जिट, फायर-रेटेड दरवाजे, नियमित इलेक्ट्रिकल चेकअप और डिजिटल लॉक के साथ मैनुअल बैकअप सिस्टम अनिवार्य किए जाएं। यदि इन नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बड़ी त्रासदी बन सकते हैं।


यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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