
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ संवाद
प्रयागराज, 8 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित केपी ग्राउंड में शनिवार को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
‘शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ’ का संदेश
कांग्रेस के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कोटा से हुई थी। इसके बाद अभियान का दूसरा चरण देहरादून में आयोजित किया गया और प्रयागराज में इसका तीसरा चरण रखा गया। कांग्रेस इस अभियान के जरिए छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और ‘शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ’ तथा ‘छात्र सत्याग्रह’ जैसे नारों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने पेपर लीक और ‘नॉर्मलाइजेशन’ पर क्या कहा?
छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पेपर लीक के साथ-साथ नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को भी छात्रों के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याएं भी साझा कीं। एक छात्र ने बताया कि उसके परिवार ने बीएड की पढ़ाई के लिए जमीन तक बेच दी, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उसे नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस तरह की बातों के जरिए कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती चुनौती को सामने रखा गया।
सोशल मीडिया को लेकर राहुल गांधी का निशाना
राहुल गांधी ने युवाओं के बीच सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लोकप्रियता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया को ‘नशा’ बताते हुए युवाओं को इसके अत्यधिक इस्तेमाल से सावधान रहने की बात कही। उनका तर्क था कि युवाओं का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाकर उन्हें दूसरी गतिविधियों में उलझाया जा रहा है।
प्रयागराज से परिवार का पुराना रिश्ता
राहुल गांधी ने प्रयागराज के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार प्रयागराज से जुड़ा रहा है और यह शहर कभी ज्ञान एवं शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। ऐसे में छात्रों के बीच प्रयागराज में संवाद कार्यक्रम को कांग्रेस ने विशेष महत्व दिया।
कार्यक्रम में पूर्वांचल के कई जिलों से पहुंचे छात्र
कार्यक्रम में प्रयागराज के अलावा कौशाम्बी, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई क्षेत्रों से छात्रों के पहुंचने की बात कही गई। कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने का अनुमान लगाया गया था और सुबह से ही केपी ग्राउंड की ओर छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था।
राहुल गांधी का कार्यक्रम और प्रयागराज दौरा
कार्यक्रम के तय कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी दोपहर करीब 2:20 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वे आनंद भवन गए। शाम करीब 6 बजे से रात 8:30 बजे तक केपी ग्राउंड में छात्रों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे रात करीब 9:30 बजे विशेष विमान से दिल्ली लौट गए।
भाजपा ने साधा निशाना
राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कार्यक्रम को ‘फ्लॉप शो’ बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि 55 साल का व्यक्ति युवा बनने का ढोंग कर रहा है।
वहीं कांग्रेस ने कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने की कोशिश बताया।
2027 के यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति?
प्रयागराज का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। कांग्रेस के लिए युवा और छात्र एक महत्वपूर्ण राजनीतिक वर्ग हैं। ऐसे में पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाना पार्टी की चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रयागराज में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कांग्रेस की कोशिश के रूप में सामने आया। अब देखना होगा कि यह अभियान उत्तर प्रदेश के छात्रों और युवाओं के बीच कांग्रेस को कितना राजनीतिक लाभ दिला पाता है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति को किस तरह प्रभावित करता है।