
भारत में 16 फरवरी 2026 से “India AI Impact Summit 2026” और इसके साथ आयोजित “India AI Impact Expo 2026” का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, जिसमें दुनिया भर के टेक्नोलॉजी नेता, नीति-निर्माता, शोधकर्ता और स्टार्ट-अप भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस महाकुंभ का उद्घाटन किया और कहा कि यह आयोजन “Sarvajan Hitaya, Sarvajan Sukhaya” (सबके कल्याण के लिए) के थीम के साथ भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की राह पर आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, जिसमें Artificial Intelligence (AI) के सामाजिक, आर्थिक और शासन-क्षेत्रीय उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है; उन्होंने बताया कि AI मानव क्षमताओं को बढ़ा सकता है और भारत को 2047 तक “विकसित भारत” बनाने में मदद करेगा। इस एक्सपो में 600 से अधिक स्टार्ट-अप्स, 13 से अधिक देशों के प्रतिनिधि पवेलियंस, 300+ प्रदर्शनी बूथ और 500 से अधिक सेशन शामिल हैं जहां AI के उपयोग को स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, डिजिटल भुगतान और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रदर्शित किया जा रहा है और यह 20 फरवरी तक चलेगा। यह इवेंट दुनिया भर के 20 से अधिक राष्ट्रों, 60 से अधिक मंत्रियों और 500 से अधिक वैश्विक AI नेताओं के साथ सबसे बड़े AI सम्मेलन के रूप में चल रहा है और यह नीति, नवाचार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर जोर देता है।
इस एक्सपो के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर बड़ा विवाद भी सामने आया, जब उसने अपनी प्रदर्शनी में “Orion” नाम का एक चार-पैर वाला रोबोट डॉग दिखाया, जिसे उसने बताया कि University के Artificial Intelligence और Robotics सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने विकसित किया है; लेकिन सोशल मीडिया और तकनीकी समुदाय ने जल्दी पहचान लिया कि यह एक चीनी कंपनी Unitree Robotics का “Unitree Go2” मॉडल है, जो बाज़ार में कमर्शियल रूप से उपलब्ध है। इस बात से विवाद उत्पन्न हुआ कि इसे भारतीय इनोवेशन बताकर गलत तरीके से पेश किया गया है, जिसके बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को एग्ज़िबिशन क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया। यूनिवर्सिटी ने बाद में सफाई दी कि उन्हें इसे स्टूडेंट्स के रिसर्च उपयोग के लिए लिया गया था और इसे “इन-हाउस” डेवलपमेंट के रूप में पेश नहीं किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर क्लिप में इसे अलग प्रकार से बताया जाने के कारण आलोचना बढ़ गई। इस विवाद में राजनैतिक और तकनीकी समुदाय दोनों ने टिप्पणी की, और इसने AI और स्वदेशी तकनीक के प्रदर्शन के महत्व और जिम्मेदारी पर एक नई बहस को जन्म दिया।