ईरान में Gen Z आंदोलन: अमेरिका की भूमिका और ईरान-अमेरिका तनाव की पूरी कहानी

ईरान में Gen Z आंदोलन क्या है?

ईरान में चल रहा Gen Z आंदोलन देश की नई पीढ़ी के असंतोष का प्रतीक बन चुका है। 1997 के बाद जन्मी युवा पीढ़ी व्यक्तिगत स्वतंत्रता, महिलाओं के अधिकार, अभिव्यक्ति की आज़ादी और कठोर इस्लामिक कानूनों के खिलाफ खुलकर सड़कों पर उतर आई है। यह आंदोलन खासतौर पर हिजाब कानून, नैतिक पुलिस और इंटरनेट सेंसरशिप के विरोध में तेज हुआ।

Gen Z आंदोलन कैसे बना अराजकता का कारण?

ईरान सरकार का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण विरोध से आगे बढ़कर अराजकता और हिंसा में बदल गया। कई शहरों में सरकारी संपत्तियों को नुकसान, आगजनी और सुरक्षा बलों से झड़प की घटनाएं सामने आईं। इसके जवाब में सरकार ने इंटरनेट शटडाउन, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और कड़ी सुरक्षा कार्रवाई की, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।

आंदोलन के पीछे कौन है? विदेशी साज़िश या अंदरूनी गुस्सा?

ईरानी नेतृत्व का आरोप है कि इस आंदोलन को अमेरिका, इज़राइल और पश्चिमी देशों का समर्थन प्राप्त है। उनका दावा है कि सोशल मीडिया, विदेशी मीडिया चैनल और NGO के ज़रिए युवाओं को उकसाया जा रहा है।
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि आंदोलन की जड़ें ईरान की आर्थिक बदहाली, बेरोज़गारी, महंगाई और भविष्य की अनिश्चितता में छिपी हैं। Gen Z अब पुराने शासन मॉडल से संतुष्ट नहीं है।

अमेरिका की भूमिका क्या है?

अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से ईरान में हो रहे प्रदर्शनों को मानवाधिकार आंदोलन बताया है। उसने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए, कुछ तकनीकी प्रतिबंधों में ढील दी और ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए।
ईरान इसे अपने आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप मानता है और कहता है कि अमेरिका शासन परिवर्तन की नीति पर काम कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इतना गहरा क्यों है?

ईरान-अमेरिका तनाव की शुरुआत 1979 की इस्लामिक क्रांति से मानी जाती है। इसके बाद:
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंध
मध्य-पूर्व में ईरान का प्रभाव
इज़राइल को लेकर विरोधी नीति
इन सभी कारणों ने दोनों देशों को दशकों से आमने-सामने खड़ा कर रखा है।

Gen Z आंदोलन का वैश्विक असर

ईरान का Gen Z आंदोलन अब केवल घरेलू मुद्दा नहीं रह गया है। यह आंदोलन वैश्विक राजनीति, मानवाधिकार और पश्चिम-पूर्व टकराव का हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया है, जिससे ईरान पर वैश्विक दबाव भी बढ़ा है।

ईरान में Gen Z आंदोलन नई पीढ़ी की सोच और पुराने सिस्टम के टकराव की कहानी है। जहां सरकार इसे विदेशी साज़िश बताती है, वहीं यह आंदोलन युवाओं की आज़ादी, पहचान और भविष्य की लड़ाई भी है। अमेरिका-ईरान के पुराने तनाव ने इस आंदोलन को और जटिल और संवेदनशील बना दिया है।

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