
Amit Shah Birthday News 2026
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज, 22 अक्टूबर 2026 को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अमित शाह की प्रशासनिक समझ की सराहना की। उन्होंने माओवाद की समस्या से निपटने और नशामुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की। अमित शाह ने भी प्रधानमंत्री का आभार जताया।
अमित शाह के जन्मदिन पर उनके राजनीतिक जीवन की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। आखिर एक सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता से देश के गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचने का उनका सफर कैसा रहा? नरेंद्र मोदी के साथ उनकी राजनीतिक जोड़ी कैसे बनी? और वर्ष 2010 में ऐसा क्या हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें गुजरात छोड़कर बाहर रहना पड़ा था? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
अमित शाह का जन्म, परिवार और शुरुआती जीवन
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम अनिलचंद्र शाह और माता का नाम कुसुमबेन शाह था। उनका परिवार मूल रूप से गुजरात से जुड़ा था। अमित शाह ने अपने शुरुआती जीवन का एक बड़ा हिस्सा गुजरात के मानसा में बिताया और बाद में उनका परिवार अहमदाबाद चला गया।
उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की। बचपन से ही उनकी रुचि संगठनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में रही। आगे चलकर यही संगठन क्षमता उनकी राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।
RSS से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अमित शाह का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ने के साथ शुरू हुआ। इसके बाद वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और छात्र संगठन की गतिविधियों में सक्रिय रहे।
वर्ष 1987 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में काम करना शुरू किया। वर्ष 1989 में उन्हें अहमदाबाद शहर में भाजपा के संगठनात्मक दायित्वों में जिम्मेदारी मिली। इसके बाद उन्होंने पार्टी के चुनाव प्रचार और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ष 1990 के दशक में अमित शाह ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के चुनाव अभियानों में काम किया। लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव अभियानों से जुड़े अनुभव ने उन्हें चुनाव प्रबंधन और संगठन संचालन में पहचान दिलाई।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी कैसे बनी?
गुजरात की राजनीति में नरेंद्र मोदी और अमित शाह का साथ भाजपा के विस्तार के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है। दोनों नेताओं ने पार्टी संगठन, चुनाव प्रचार और राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में साथ काम किया।
वर्ष 2001 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसी दौरान अमित शाह की भूमिका भी राज्य की राजनीति में लगातार मजबूत होती गई। वर्ष 2002 में वे गुजरात सरकार में गृह राज्य मंत्री बने। उन्होंने गृह, पुलिस और अन्य विभागों से संबंधित जिम्मेदारियां संभालीं।
वर्ष 2002 और 2007 के गुजरात विधानसभा चुनावों में अमित शाह ने भाजपा के संगठनात्मक और चुनावी कार्यों में भूमिका निभाई। वे सरखेज विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीतते रहे और 2012 में नारनपुरा सीट से विधायक चुने गए।
नरेंद्र मोदी के साथ उनकी राजनीतिक साझेदारी आगे चलकर गुजरात से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची।
2010 में अमित शाह को गुजरात क्यों छोड़ना पड़ा?
अमित शाह के राजनीतिक जीवन का सबसे विवादित दौर वर्ष 2010 में आया। यह मामला सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ और उससे जुड़े तुलसीराम प्रजापति मामले की जांच से संबंधित था।
जुलाई 2010 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोहराबुद्दीन मामले में अमित शाह को गिरफ्तार किया था। उस समय वे गुजरात सरकार में गृह राज्य मंत्री थे। आरोपों के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अमित शाह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया था।
अक्टूबर 2010 में गुजरात हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जांच और मुकदमे से संबंधित परिस्थितियों के बीच गुजरात से बाहर रहने का निर्देश दिया। इसके बाद वे मुंबई चले गए। इसलिए यह कहना अधिक सही है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत गुजरात से बाहर रहना पड़ा था; यह किसी राजनीतिक दल द्वारा राज्य से निकालने की कार्रवाई नहीं थी।
इस मामले में दिसंबर 2014 में विशेष CBI अदालत ने अमित शाह को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनके खिलाफ इस मामले में मुकदमा आगे नहीं चला।
यह प्रकरण उनके राजनीतिक जीवन का एक बड़ा मोड़ माना जाता है। बाद के वर्षों में वे फिर सक्रिय राजनीति में लौटे और भाजपा में शीर्ष पदों तक पहुंचे।
2014 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अमित शाह
वर्ष 2013 में अमित शाह को भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक था।
उस चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी की इस सफलता के बाद अमित शाह की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक क्षमता की व्यापक चर्चा हुई।
जुलाई 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई राज्यों में चुनावी सफलताएं हासिल कीं और अपना संगठनात्मक विस्तार किया। वर्ष 2019 में भाजपा ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की।
2019 में देश के गृह मंत्री बने अमित शाह
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह गुजरात की गांधीनगर सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्हें गृह मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक फैसले चर्चा में रहे। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का निर्णय, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), आपराधिक कानूनों में बदलाव और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित नीतियां प्रमुख हैं।
इन फैसलों को भाजपा ने अपने प्रमुख एजेंडे का हिस्सा बताया, जबकि कुछ फैसलों को लेकर विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सवाल भी उठाए। इस प्रकार अमित शाह का गृह मंत्री के रूप में कार्यकाल राजनीतिक बहस और राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना रहा।
वर्ष 2021 में उन्हें सहकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वे फिर गांधीनगर से सांसद चुने गए और नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में गृह एवं सहकारिता मंत्री बने।
अमित शाह के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
22 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनकी प्रशासनिक समझ और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने माओवाद की समस्या से निपटने और नशामुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं के लिए आभार जताया और कहा कि उनके प्रेरक शब्द देश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने भी अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
अमित शाह का राजनीतिक सफर: एक नजर में
- 1964: मुंबई में जन्म।
- 1980 के दशक: RSS और ABVP से जुड़ाव के बाद भाजपा युवा संगठन में सक्रियता।
- 1989: अहमदाबाद भाजपा संगठन में जिम्मेदारी।
- 1997: गुजरात विधानसभा के लिए पहली बार विधायक बने।
- 2002: गुजरात सरकार में गृह राज्य मंत्री बने।
- 2010: सोहराबुद्दीन मामले में गिरफ्तारी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुजरात से बाहर रहना पड़ा।
- 2013: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी बने।
- 2014: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
- 2019: गांधीनगर से सांसद बने और केंद्रीय गृह मंत्री बने।
- 2021: सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मिली।
- 2024: गांधीनगर से दोबारा सांसद चुने गए और गृह एवं सहकारिता मंत्री बने।
- 2026: 22 अक्टूबर को 62वां जन्मदिन।
निष्कर्ष
अमित शाह का राजनीतिक जीवन संगठनात्मक कार्य, चुनावी रणनीति, विवादों और सत्ता में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से होकर गुजरा है। RSS और ABVP से शुरुआत करने वाले अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और बाद में देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचे। नरेंद्र मोदी के साथ उनकी राजनीतिक साझेदारी ने भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं उनके लंबे राजनीतिक संबंधों और केंद्र सरकार में उनकी वर्तमान भूमिका को फिर चर्चा में ले आई हैं। अमित शाह का सफर भारतीय राजनीति में संगठन, चुनाव प्रबंधन और सत्ता की रणनीति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।