O Romeo: शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स, दर्शकों में दिखा जबरदस्त क्रेज

ओ रोमियो’ (O’ Romeo) – यह 13 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई एक भारतीय हिंदी-भाषा की रोमांटिक-एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसे प्रसिद्ध निर्देशक विशाल भारद्वाज ने लिखा और निर्देशित किया है तथा साजिद नाडियाडवाला के Nadiadwala Grandson Entertainment के बैनर तले निर्मित किया गया है। फिल्म लगभग ₹125–₹150 करोड़ के बजट पर बनी है और इसकी कहानी लोकप्रिय किताब Mafia Queens of Mumbai पर आधारित है, जिसमें गैंगस्टर, बदला, प्यार और हिंसा का मिश्रण है। शाहिद कपूर इस फिल्म में मुख्य भूमिका यानी हुसैन उस्तारा का किरदार निभा रहे हैं, साथ ही तृप्ति डिमरी मुख्य महिला पात्र, तथा नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, दिशा पाटनी और फरीदा जलाल जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में दिखते हैं। फिल्मों में शाहिद को इस फिल्म के लिए लगभग ₹45 करोड़ की फीस मिली, जबकि तृप्ति को करीब ₹6 करोड़ बताई जा रही है; कुछ कलाकार जैसे तमन्ना और विक्रांत ने फीचर रोल के लिए कोई फीस नहीं ली।

कहानी 1990 के दशक के मुंबई को दिखाती है, जहां हुसैन जैसे गैंगस्टर की जिंदगी, उसके रिश्ते और अंडरवर्ल्ड की दुनिया के बीच प्यार-नफ़रत की जटिल कहानी पर फिल्म केंद्रित है। कथानक में रोमांटिक और क्राइम का तड़का है और यह कथित रूप से असली घटनाओं से प्रेरित है, हालांकि इसमें अलग-थलग ट्विस्ट और बॉलीवुड स्टाइल ड्रामा भी शामिल हैं।

जनता और समीक्षकों का फीडबैक मिलाजुला रहा है: कुछ दर्शकों और सोशल-मीडिया प्रतिक्रियाओं में फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़, शाहिद-तृप्ति की केमिस्ट्री, और पहली झलक एडवांस बुकिंग को काफी पॉज़िटिव माना गया है, खासकर वैलेंटाइन वीकेंड के मौके पर। कई दर्शक सिनेमाघरों में तालियाँ देते हुए या सोशल मीडिया पर खुश दिखे हैं और इसे “सुपरहिट वर्ड-ऑफ़-माउथ” के नाम से सराह रहे हैं, लेकिन क्रिटिक्स की समीक्षाएँ कुछ हद तक मिक्स्ड हैं, जहाँ कुछ ने फिल्म को 3–3.5/5 की रेटिंग दी है और कहानी की pacing तथा संतुलन पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा टिकट प्लेटफॉर्म पर रेटिंग्स और रिव्यूज़ को कोर्ट के आदेश के कारण अस्थायी रूप से डिसेबल कर दिया गया है, जिससे औपचारिक संख्या और उपयोगकर्ता रेटिंग उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। वहीं कुछ सोशल-मीडिया वॉलंटियर्स और रिव्यूज़ में फिल्म की टोनल असंगति, कमजोर पात्र विकास, और लम्बी लंबाई जैसी आलोचनाएँ भी सामने आई हैं।

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