ट्विशा शर्मा मौत केस दूसरा पोस्टमार्टम, सुप्रीम कोर्ट की एंट्री और बढ़ता रहस्य

भोपाल मॉडल मौत मामला

भोपाल में पूर्व मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली थीं, जिसके बाद पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू की। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “हैंगिंग” बताया गया, लेकिन शरीर पर मिले चोटों के निशानों ने मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिवार ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की, जिसे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।


23 मई 2026 को दिल्ली AIIMS की चार सदस्यीय मेडिकल टीम भोपाल पहुंची और दूसरा पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान गर्दन, सर्विकल संरचना और शरीर पर मिले ब्लंट फोर्स इंजरी के निशानों की विस्तार से जांच की गई। पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शाम को भदभादा घाट पर ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले में CCTV फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसे जांच एजेंसियों के लिए अहम सबूत माना जा रहा है।


इस केस में समर्थ सिंह का नाम मुख्य आरोपित के रूप में सामने आया है, जिन पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया। वहीं भारतीय बार काउंसिल ने भी समर्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से वकालत करने से रोक दिया है। दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने अपने बचाव में दावा किया कि ट्विशा मानसिक तनाव और नशे की समस्या से जूझ रही थीं। समर्थ सिंह की मां ने परिवार पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि ट्विशा को ग्लैमर इंडस्ट्री में धकेलने के बाद परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने मीडिया रिपोर्ट्स, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कथित विसंगतियों और संस्थागत पक्षपात की आशंकाओं को गंभीर माना है। अब 25 मई को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे बड़े सवाल भी खड़े कर रहा है।

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