
थलापति से मुख्यमंत्री तक: विजय ने बदली तमिलनाडु की राजनीति
Thalapathy Vijay ने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर दिया। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के नेतृत्व में सरकार बनाई। शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में सुबह 10 बजे आयोजित हुआ। पहले यह कार्यक्रम दोपहर में तय था, लेकिन ज्योतिषीय सलाह के बाद समय बदला गया।
शपथ ग्रहण समारोह की खास बातें
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने गोपनीयता की शपथ भी ली। सूत्रों के अनुसार उन्होंने गृह विभाग और लोक प्रशासन विभाग अपने पास रखने का फैसला किया है। उनके साथ TVK के 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस तरह पहली कैबिनेट में कुल 10 सदस्य शामिल हुए।
समारोह में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ी और “थलापति” के नारों से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे और पूरे चेन्नई में जश्न का माहौल देखने को मिला।
पहली कैबिनेट में युवा चेहरों को मौका
नई सरकार की पहली कैबिनेट में युवा नेताओं, डॉक्टरों, डेंटिस्ट, पूर्व IRS अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है। बताया जा रहा है कि विजय ने अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को मौका देकर बदलाव का संदेश देने की कोशिश की है। खास बात यह रही कि कांग्रेस को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।
समर्थन से बनी सरकार
TVK ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर बड़ा उलटफेर किया। हालांकि बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी। ऐसे में Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK), Indian Union Muslim League (IUML), Communist Party of India (CPI) और Communist Party of India (Marxist) (CPM) ने बिना शर्त समर्थन दिया। इसके बाद राज्यपाल को 118 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा गया।
समारोह में पहुंचे बड़े नेता
शपथ ग्रहण समारोह में Rahul Gandhi सहित कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेता मौजूद रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि यह राज्य में लंबे समय बाद किसी गैर-द्रविड़ राजनीतिक धारा के नेता का सत्ता में आना है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर
फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने कम समय में युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच बड़ी लोकप्रियता हासिल की। अब उनकी सरकार से रोजगार, शिक्षा, उद्योग और भ्रष्टाचार पर सख्त फैसलों की उम्मीद की जा रही है। पूरे देश की नजर अब इस बात पर रहेगी कि विजय अपनी लोकप्रियता को प्रशासनिक सफलता में कैसे बदलते हैं।